Sunday, 2 June 2019

sad status in hindi 2 line

अजीब "रंगों"...... से गुजरी है ......"जिंदगी" अपनी..!!
दिलों पर राज किया लेकिन मोहब्बत से महरुम रहे..!!🙄

"जिन्दगी" सुन तु यही पे रूकना
हम हालात बदल के आते है।

ज़िन्दगी के सफर मे कुछ यू खो बैठे है
कि नफरत भी अब आरजू लगने लगी है।

वकिफ कहाँ  जमाना हमारे दर्द से
लोगे ने बस हमे लड़ते और गुस्सा करते देखा है।

जिनके लोगो के अपने सपने पूरे नही होते न
वो दूसरो के सपने पूरे करके खुश होते है ।

बिना रोये तो प्याज भी नही कटती
तो ये जिंदगी क्या है।

मेरी उदासियां तुम्हें कैसे नज़र आएंगी...
तुम्हें देखकर तो हम मुस्कुराने लगते हैं...

हकीकत जीने नही देती
ख्वाब मरने नही देते।

मेरे ओहदे मे नही नफरत करना किसी से..!
ये बात और है के तु इसके लायक भी नही..!!

कर लेता हूँ खुद से ही बाते... मै आजकल
अपना अक्स ही ... अक्सर अपने साथ होता है।

वक्त अपनी दौड़ लगाकर पहुंचा है फिर वहां,
जहाँ कुछ जख्मो का फिर से हरे होने का डर है।

उसके साथ होकर भी अकेले पड़ जाते है,
इस से अच्छा तो अकेला कर उसको हम अकेले रह जाते ।

खुन से लिखकर तुझे मैने
बेवफाओं मे उचा दर्जा दे दिया ।

बहोत मुश्किल है आज कल मोहब्बत निभाना
छोड़ने वाले को चाहिए तो होता है बस छोटा सा बहाना ।

बस ऐक चहेरे ने तन्हा कर दिया हमे
वरना हम खुद ऐक महेफिल हुआ करते_थे…

बस ताल्लुकात नही है तुमसे
मोहब्बत तो आज भी है ।

चाहते बहुत है तुम्हे पर
अब पाना नही चाहते।

वो हमसे खफा क्या हुए,
मानो दुनिया विरानी सी लगने लगी ।

तुम मुझे भुल भी जाओ तो ये हक है तुमको
मेरी बात और है मैंने तो मोहब्बत की है।

सिमट के रह जाती है कुछ भावनाएं खुद-ब-खुद।
जहाँ प्रवाह ना हो नाराजगीयो की,
वहा शिकायत भी नही होती।

मै तन्हाई को तन्हाई मे तनहा
कैसे छोड़ दूँ
इस तन्हाई ने तन्हाई मे तनहा
मेरा साथ दिए है.....!

जो कहते थे मुझे डर है कहीं मै खो ना दू तुम्हे
अब सामने होने पर मैंने उन्हे चुपचाप गुजरते देखा है।

मुझे छोडते वक्त जरा सा भी नही पिघला दिल तुम्हारा.....!!
ये तो बता के जाते कि इतना कीमती पत्थर कहाँ से खरीदा ?....!!

कौन देखता है मुझे बाद मौत के
अभी जिन्दा हु तो कफन ना लपेटो।

इम्तेहां का शौक नही ये वक्त की आजमाइश है...
तेरे बगैर अब जिया करू ये दिल की फरमाइश है।

तुझे क्या पता किस दर्द में हूं
 जो लिया नही ,उस कर्ज में हूँ...

वो बेशक अदाओं, मे खंजर लिए घूमती है..
वरना, यु ही अरमां हमारे जख्मी हुआ ना करते..!!

दिल प्याला है, लिखते-लिखते
एक दिन भर जाएगा ।

मेरे आँसुओं की कीमत तुम लगा नही पाओगे........!!
मेरी मोहब्बत तो ले ना सके,तो मेरे दर्द की कीमत क्या दे पाओगे......!!

वो उम्र भर साथ तो निभा ना सका मेरा.....!!
लेकिन याद बनकर उसने मुझे कभी तन्हा छोडा भी नही.....!!

मैं जागता रहा तुम्हारे बातों को सिरहाने रख कर
तुम सो गए ख्वाब किसी और का देख कर

इतना कीमती न कर खुद को ,,,,,,
हम गरीब लोग है मंहगी चीजो को छोड़ देते है ,,

झूठे वहँम ही सच्चे लगते है याहाँ,,,,
सच्चाई अक्सँर, खाँबो को डसा करती है!..........

#लोग बेवजह ढूँढते हैँ,
खुदखुशी के तरीके हजार;
#इश्क करके क्यों नहीँ देख
       लेते वो एक बार..

मिलों का सफर ________🏃🚶
    एक पल में बर्बाद हो गया ____😞😞
            जब अपनों ने कहा-______🤗🤗
                     कहो कैसे आना हुआ___😢😢

चोट पे कहा अब मरहम लगता है, ये दुनिया अब भ्रम लगता है। जो है वो कम लगता है और जो नही है उसका गम लगता है।

बीते हुए पलो को चुप-चाप चखते है
चल आज बैठे है तो कुछ एहसास कहते है।

#जिंदगी........💞
बड़ी #अजीब सी हो गयी है,
💞..........जो
#मुसाफिर........ 💞
...........थे वो #रास नहीं आये,
जिन्हें #चाहा.........💞
💞.......वो #साथ नहीं आये।
______✍

छोटी छोटी बातो पे जो खत्म हो जाया करती है,
बता जिन्दगी तेरी किमत क्या है।

#बे_ख़बर था मै इस दुनिया
के तौर तरीको से
की यहाँ दिल ❤ देने के बदले
घाव दिये जाते है।

साल गुजर गए उसे चाहते हुए और
वो आज भी बेखबर है पहले दिन कि तरह।

कुछ इस तरह खुद को मिटा रहा हू मै
हर घूंट मे तुझको पा रहा हू मै।

मै वक्त से हार कर अपना सरर झुकाए खड़ा था,
सामने खड़े लोग खुद को बादशाह समझने लगे ।

उसे भूलने के लिए मुझे सिर्फ़ एक पल चाहिए,
वह पल! जिसे लोग अक्सर मौत कहते हैं…!!

तेरी खामोशीयों को यू बर्दाश्त ना कर सके
इसलिए तो तुझे छोड़ चले आए हम।

तेरे उतारे हुए "दिन" पहन कर आज भी हम.....!!
कई रोज यूँ ही काट लेते है....!!

ठुकराया हमने भी बहुत लोगो को है सिर्फ तेरी खातिर.....!!
आज तुझसे फासला भी शायद उनकी बददुआऔ का असर है......!!

सूखे गुलाब की पत्तियों की तरह है हम .....!!
आहिस्ता आहिस्ता गिर गए तेरी किताबो से.....!!

आधे से कुछ ज्यादा है, पूरे से कुछ कम...
कुछ जिन्दगी, कुछ गम, कुछ इश्क और कुछ हम।

मेरी बेरंग सी जिन्दगी का इक हिस्सा थे तुम
मेरी अनकही दास्तान का इक किस्सा थे तुम।
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